Saturday, 21 March 2015

नवरात्र की रातें

हर बार ये आती हैं नवरात्र की रातें,

मइ‌‍या से भक्तों की मुलाकात की रातें – 2

बड़ी आशा से आये हैं तेरे दरबार में मइ‌‍या,

जो हो जाये दरश तेरा बड़ा उपकार हो मइ‌‍या,

बड़ी आशा से आये हैं तेरे दरबार में मइ‌‍या |

सुना है भक्तों के हर दर्द को मइ‌‍या समझती है,

अगर बिगड़ी हो जो किस्मत तो बस मइ‌‍या बदलती है |

तुम्हारे दम से चलता है ये संसार ओ मइ‌‍या,

तुम्हीं ने आज तक सबकी सदा बिगड़ी बनाई है |


तुम्हीं ने कर कृपा अपनी सदा दुनिया सजाई है,

तुम्हारे आने दिल में मचे झंकार ओ मइ‌‍या |

जो हो जाये दरश तेरा बड़ा उपकार हो मइ‌‍या,


बड़ी आशा से आये हैं तेरे दरबार में मइ‌‍या |

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