हर बार ये आती हैं
नवरात्र की रातें,
मइया से भक्तों की
मुलाकात की रातें – 2
बड़ी आशा से आये हैं
तेरे दरबार में मइया,
बड़ी आशा से आये हैं
तेरे दरबार में मइया |
सुना है भक्तों के
हर दर्द को मइया समझती है,
अगर बिगड़ी हो जो
किस्मत तो बस मइया बदलती है |
तुम्हारे दम से चलता
है ये संसार ओ मइया,
तुम्हीं ने आज तक
सबकी सदा बिगड़ी बनाई है |
तुम्हीं ने कर कृपा
अपनी सदा दुनिया सजाई है,
तुम्हारे आने दिल
में मचे झंकार ओ मइया |
जो हो जाये दरश तेरा
बड़ा उपकार हो मइया,
बड़ी आशा से आये हैं
तेरे दरबार में मइया |
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